New Scary Stories Uncategorized हैलोवीन की रात का आतंक New scary Stories Series 40

हैलोवीन की रात का आतंक New scary Stories Series 40

हैलोवीन की रात का आतंक New scary Stories Series 40 post thumbnail image

हैलोवीन की रात का आतंक

हैलोवीन के त्योहार की रात की बात है, एक एकांत कॉटेज में आराध्या नाम की लेखिका अकेले बैठ कर अपनी न्यू हॉरर स्टोरी लिख रही थी। बस वहाँ रोशनी के लिए ख़ाली एक छोटी सी चिमनी का ही सहारा था। आराध्या अपने लैपटॉप में बहुत ध्यान से अपनी हॉरर स्टोरी लिख रही थी, पर फिर भी उसके मन में अजीब तरीके की बेचैनी सी थी। तभी उसने अपनी मेज पे एक बड़ा सा कद्दू रख दिया जो उसे अपने कॉटेज के पीछे वाले जंगल से मिला था। पहली बात तो ये कि कद्दू और कद्दू से बहुत बड़ा था और दूसरी बात, उस कद्दू पे एक अजीब सी डरावनी सी मुस्कान बनी हुई थी।

रोशनी ज़्यादा करने के लिए उसने एक मोमबत्ती उस कद्दू के अंदर लगा दी। तभी एकदम से उसके कॉटेज की खिड़की में खड़खड़ की आवाज़ हुई। उसने खिड़की की तरफ़ देखा तो उस खिड़की का लॉक ख़ुद ही हिल रहा था। तभी उसकी नज़र दुबारा से उसी मेज़ पर गई तो वो मोमबत्तीजो उसने उस कद्दू पे जलाई थी, बहुत तेज़ी से जलने लगी। उस मोमबत्ती की रोशनी इतनी तेज़ हो गई कि उस कद्दू की मुस्कान में से नारंगी रंग की रोशनी आने लगी। आराध्या कुर्सी से खड़ी हुई और उस मोमबत्ती को बुझाने लगी। जैसे ही वो उस कद्दू के और करीब गई,

तो अब उस नारंगी मुस्कान के साथ-साथ उस कद्दू की दो भयानक आंखें निकल आईं थीं। कुछ सेकंड के लिए फिर से वो आंखें गायब हो गईं। आराध्या को महसूस होने लगा कि इस कद्दू में कुछ तो है, क्योंकि उसे आँखों के साथ-साथ किसी के सांसों की भी आवाज़ आई थी। आराध्याने तुरंत हाथ पीछे हटा लिया क्योंकि वो मोमबत्ती धीरे-धीरे उस कद्दू के अंदर घुसती जा रही थी। तभी आराध्या ने जैसे ही दीवार पर देखा, तो उस मोमबत्ती की रोशनी की परछाई में, उसी कद्दू की आंखें हिलती हुई देखने लगीं।

आराध्या ने फिर दुबारा से कद्दू को देखा तो अब वो फिर से पहले जैसा नार्मल हो गया था। आराध्या डर के मारे पीछे हट गई और डरते हुए उस कद्दूको देखते हुए बोली, “तुम कौन हो और मेरे पास क्यों आए हो?” लेकिन कुछ जवाब नहीं आया। तभी कुछ ही सेकंड में कद्दू की आंखेंफिर दिखने लगीं और वो कद्दू हवा में उड़ने लगा, वो भी आराध्या की आँखों के सामने। अब कद्दू की आंखें नारंगी से लाल हो गईं थीं, जिससे की उस कद्दू में जो चीज़ है, वो गुस्से में थी। और तभी उस कद्दू में से आवाज़ आई: “मैं उस इंसान की तलाश में हूँ, जिसने मुझे इस कद्दू में कैद किया है।

इतना बोलते ही कद्दू फिर से नार्मल हो गया और मेज़ पर धड़ाम से गिर गया। तब आराध्या डरते हुए अपने बेडरूम में घुस गई और दरवाज़ा बंद कर लिया। और अपने बेड के पास कोने में जाकर बैठ गई। बेड के पास बैठे-बैठे आराध्या को महसूस हुआ कि जिस रूम में वो बैठ कर काम कर रही थी, अब उस रूम में से किसी के धीरे-धीरे चिल्लाने की आवाज़ आ रही थी। उसने ध्यान से सुनने की कोशिश की तो वो आवाज़ बंद हो गई। तभी चार बार जोर-जोर से दरवाज़ा पीटने की आवाज़ आई। फिर एकदम शांति हो गई, अब किसी भी तरह की कोई आवाज़ नहीं थी।

आराध्या भी इतनी डर गई थी कि उसकी इतनी हिम्मत भी नहीं थी कि वो जाकर बाहर देख ले कि क्या हो रहा है। आराध्या ने देखा कि उसकी जेब में फोन है, उसने जल्दी से फोन निकाला तो उसमें नो सिग्नल आ रहा था। तभी उसे अपने कमरे की खिड़की के बाहर से किसी के कुछ घसीटने जैसी आवाज़ आई। आराध्या को लगा शायद कोई बाहर है, अगर मैं आवाज़ दूंगी तो कोई मुझे बचाने आ जाएगा। उसने बाहर उस खिड़की से देखा तो सिर्फ़ एक सुनसान रोड और दोनों तरफ़ पेड़ ही पेड़, वो सन्नाटा देखते ही वो फिर से घबराते हुए पीछे हट गई।

उससे यह समझ नहीं आ रहा था कि जाऊं तो कहां जाऊं। तभी दरवाज़े पर आवाज़ सुनाई दी, पर अब वो आवाज़ किसी चीज़ के गिरने की थी। उसे लगा जैसे किसी ने उसका लैपटॉप फेंक दिया। अब आराध्या टेंशन और डर दोनों में जी रही थी। एक आवाज़ फिर से आई: “मुझे भी अंदर बुलालो।” वो आवाज़ सुनते ही आराध्या को गुस्सा आया और बोली: “तुम यहाँ से जाते क्यों नहीं हो, मुझे अकेले छोड़ दो।” तभी दरवाज़े की दूसरी तरफ़ से आवाज़ आई: “मैं तुझे अकेला नहीं छोड़ सकता क्योंकि तू मुझे देख चुका है, तू मेरा साथ चल, दोनों उस जंगल में चलेगें और एक साथ रहेंगे।

आराध्या ने गुस्से में अपना फोन फेंक कर जोर से दरवाज़े पे दे के मारा। फोन दरवाज़े से लगा और टूट गया। तभी दूसरी तरफ़ वो कद्दू हवा में उड़ने लगा और उसके अंदर से ज़ोर ज़ोर से हंसी की आवाज़ आने लगी और हंसते हंसते बोला: “अब भी मौका है, तू मेरे साथ चल।आराध्यादुबारा से बोली: “मुझे कहीं नहीं जाना है, बस मेरे पास से चले जाओ।” कुछ ही सेकंड में गेट के खुलने की आवाज़ आई। आराध्या ने राहत की सांस ली, उसे लगा कि वो कद्दू चला गया है।

उसने अपने कमरे की खिड़की से बाहर देखा तो कोई नहीं था। फिर तभी वो हल्का सा मुस्कराई। जैसे ही वो पलटी, वापस अपने कमरे में जाने के लिए, उसका शरीर पूरी तरह से कांप गया क्योंकि अब उसके ही बेडरूम में एक बिना सिर का आदमी खड़ा था और उसके एक हाथ में वही कद्दू था और वो जोर-जोर से हंस रहा था। सुबह जब उसका दोस्त आराध्या के घर आया, उसने आराध्या के बेडरूम में जाकर देखा तो नीचे खाली आराध्या की गर्दन पड़ी थी और शीशे पे खून से लिखा था: “आपको भी हैलोवीन मुबारक हो।

Conclusion

एक एकांत कॉटेज में, हैलोवीन की रात को, लेखिका आराध्या एक रहस्यमयी, डरावनी मुस्कान वाले कद्दू के माध्यम से एक क्रोधित आत्मा से टकराती है। वह आत्मा, जिसने उसे कद्दू में कैद करने वाले की तलाश में होने का दावा किया, आराध्या को डराने और फुसलाने की कोशिश करती है। तमाम कोशिशों और भयानक अनुभवों के बावजूद, आराध्या भाग नहीं पाती, और अंततः वह बिना सिर वाले एक व्यक्ति (जिसके हाथ में वही कद्दू था) के हाथों मारी जाती है। सुबह, उसके दोस्त को केवल उसकी कटी हुई गर्दन और खून से लिखा एक डरावना संदेश मिलता है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि उस रात की भयानक घटना का अंत बहुत दुखद और खौफनाक हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

Maut ka Badle Maut

Maut ka Badle Maut Horror Stories New Scary Story Series 16Maut ka Badle Maut Horror Stories New Scary Story Series 16

  Maut ka Badle Maut यह कहानी है बनारस में रहने वाली अंजलि की। अंजलि जब सिर्फ 7 साल की थी। उस दिन शनिवार अमावस्या का दिन था तो इसलिए