New Scary Stories Stories होटल का कमरा नंबर 66 Horror story New scary Stories Series 30

होटल का कमरा नंबर 66 Horror story New scary Stories Series 30

होटल का कमरा नंबर 66 Horror story New scary Stories Series 30 post thumbnail image


होटल का कमरा नंबर 66 Horror story

रवि और अजय जो काफी अच्छे दोस्त थे और व्यवसायी (बिज़नेस मेन) भी, वो दोनों बिजनेस मीटिंग खत्म करके वापस लौट रहे थे। अब पूरा दिन मीटिंग्स और यात्रा (ट्रैवलिंग) करते-करते दोनों बहुत थक चुके थे। उन दोनों ने तय (डिसाइड) किया कि पास के किसी होटल में कुछ देर के लिए रुककर आराम (रेस्ट) कर लेंगे।रास्ते में उन दोनों को एक होटल दिखाई दिया। उन दोनों ने कार से उतरकर उस होटल को देखा तो वो बहुत पुराना था। उस होटल के बाहर लगी पुरानी लालटेन को देखकर ऐसा लग रहा था

जैसे यहाँ कोई आता-जाता न हो।जैसे ही वो दोनों होटल के अंदर घुसे, रिसेप्शन पर एक बूढ़ा आदमी बैठा था।उसके चेहरे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वो बहुत गुस्से में हो और बात नहीं करना चाहता हो। रवि ने पूछा, “क्या हमें दो कमरे मिल जाएँगे?”वो बूढ़ा आदमी बिना कुछ बोले उन दोनों के चेहरे को देखता रहा और बोला, “सिर्फ एक ही कमरा खाली है, वो भी कमरा नंबर 66।” तभी अजय ने हँसते हुए बोला, “अरे कोई नहीं, हम दोनों एक ही कमरे से काम चला लेंगे।” रवि को ऐसा लगा जैसे वो बूढ़ा आदमी कुछ बोलना चाह रहा हो।

पर वो आदमी कुछ भी नहीं बोला।जो कमरा उन्हें मिला था वो बहुत ही अंदर था और वहाँ तक जाने का रास्ता बहुत अँधेरे में था। उस कमरे की तरफ चलते-चलते अजय ने मज़ाक में रवि से बोला, “ऐसा लग रहा है कि जैसे हम किसी भूत बंगले में आ गए हों।” रवि अजय की बात सुनकर हँस पड़ा, लेकिन उसकी बात सुनकर उसके भी दिल में एक डर सा पैदा हो गया था।जैसे ही वो कमरे के अंदर घुसे, सब कुछ सामान्य (नॉर्मल) था और सब फर्नीचर भी था, जैसे एक बिस्तर, एक अलमारी और कोने में एक बड़ा आईना। दोनों को ऐसे महसूस हो रहा था कि जैसे बाहर हवा चल रही हो, पर उन दोनों ने उसे नज़रअंदाज़ कर दिया।

दोनों बिस्तर पर लेट गए और लेटे-लेटे अपनी-अपनी बातें करने लगे अचानक बाथरूम से पानी टपकने की आवाज़ आई। रवि उठा और बाथरूम में जाकर देखा तो नल पूरी तरह से बंद था। जैसे ही वो बाथरूमसे वापस आया, उसने देखा कि अजय खिड़की की तरफ देख रहा है। रवि बोला, “क्या हुआ?”अजय बोला, “मुझे अभी ऐसा महसूस हुआ कि जैसे मैंने किसी का चेहरा देखा—काला सा चेहरा, वो भी बिना आँखों का।” रवि ने झिड़क (हड़का) दिया, “तू पागल है कि कुछ भी उल्टा-सीधा बोलता रहता है।”

लेकिन अजय की बात सुनने के बाद रवि का दिल भी अंदर से डर के मारे काँप रहा था।अचानक उनके कमरे की लाइट चली गई। अब पूरे कमरे में सिर्फ़ अँधेरा ही था। बस थोड़ी-बहुत ही रोशनी शीशे (आईने) में दिख रही थी। रवि को उस कमरे में एक टॉर्च दिखी। उसे जलाया तो वो जली नहीं। अब उस घुप अँधेरे में उन दोनों को ऐसा बार-बार लग रहा था जैसे कोई उन दोनों के पीछे खड़ा हो, पर अंधेरे के मारे दिख नहीं रहा हो।उस कमरे की खिड़की से उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे कोई बाहर से उनका नाम ले रहा हो।

जब उन दोनों ने ध्यान से सुना तो सच में कोई उन दोनों का नाम ले रहा था, वो भी बहुत धीमी आवाज़ में। वो बाहर से आती आवाज़ इतनी डरावनी थी कि दोनों की साँसें रुक गईं।जैसे ही उन दोनों की नज़र उस शीशे पर गई, तो उस शीशे पर कुछ शब्द हल्के-हल्के दिख रहे थे: “तुम यहाँ क्यों आए हो?” अजय ने डरते हुए रवि को बोला, “ये क्या चीज़ है?” रवि भी काँपते हुए बोला, “शायद वो बूढ़ा आदमी मज़ाक कर रहा होगा हमारे साथ।”अचानक बाथरूम का दरवाज़ा ज़ोर से बंद हुआ।

उस दरवाज़े की आवाज़ से दोनों डर गए। तभी फिर से उसी शीशे पर दूसरे शब्द आ गए: “जो एक बार इस कमरे में आ जाता है, फिर कभी बाहर नहीं जा पाता है।”रवि और अजय ने दरवाज़ा खोलने की बहुत कोशिश करी, लेकिन बाहर से किसी ने ताला मार दिया था। अब वो दोनों उस होटल में आकर फँस चुके थे। अजय घबराकर ज़ोर से चिल्लाया, “बचाओ! कोई हमें यहाँ से निकाले!” लेकिन बाहर कोई भी नहीं था।फिर अचानक अब उसी कमरे में एक डरावनी सी हँसी गूँजने लगी। वो हँसी ऐसी थी जैसे कोई आत्मा की हँसी हो,

पर वो काफी दूर से आती सुनाई दे रही थी। दोनों ने डरते-डरते अपनी नज़र कमरे के चारों तरफ़ घुमाई, लेकिन कोई भी नहीं था।अब उस शीशे के सामने एक औरत की परछाई आकर खड़ी हो गई। उसका चेहरा अँधेरे से ढका हुआ था और हाथ ख़ून से सने हुए थे। वो धीरे-धीरे मुस्कुराते हुए बोली, “तुम्हारी तरह यहाँ बहुत आए, पर कोई भी वापस नहीं गया।”रवि और अजयउस बिस्तर से पीछे हट गए। डर के मारे अजय ने अपनी आँखें बंद कर ली और चिल्लाने लगा। रवि ने अजय की तरफ देखा तो वो औरत उसको उस शीशे के अंदर खींच रही थी।

उसके पैर खुद-ब-खुद आईने की तरफ जा रहे थे। वो चिल्ला रहा था, “बचाओ रवि… मुझे वो औरत खींच रही है…”रवि ने अजय को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही रवि ने हाथ बढ़ाया, उसका हाथ आईने में घुस गया। शीशे के अंदर ठंडा अँधेरा था, और उसमें से कई हाथ बाहर निकलने लगे।अजय की चीख़ धीरे-धीरे रुक गई। उसका पूरा शरीर शीशे के अंदर समा गया और वहाँ सिर्फ खून की एक हल्की सी लकीर बची रह गई।रवि डर से पागल हो गया। वो दरवाज़े पर ज़ोर-ज़ोर से घूँसे मारने लगा।

“मुझे जाने दो… कोई है… दरवाज़ा खोलो!” लेकिन दरवाज़ा नहीं खुला।शीशे पर अब एक और शब्द लिखा था: “अब तुम्हारी बारी है।”कमरे में अचानक और अँधेरा बढ़ गया। शीशे से वही औरत बाहर निकल आई। उसके लंबे बाल ज़मीन तक लटक रहे थे, चेहरा अभी भी ढका था। वो धीरे-धीरे रवि की तरफ बढ़ी।रवि पीछे हटता गया, लेकिन उसके पीछे दीवार थी। उसके पास भागने का कोई रास्ता नहीं था। औरत ने धीरे से अपना चेहरा उठाया।वो चेहरा इंसानों जैसा नहीं था। खाली आँखों के गड्ढे, सड़ी हुई त्वचा और एक विकृत मुस्कान।रवि चीख़ते हुए बेहोश हो गया।

Conclusion

रवि और अजय की यात्रा कमरा नंबर 66 के रूप में एक डरावने अंत में बदल गई। वह पुराना होटल, जिसका बूढ़ा रिसेप्शनिस्ट एक रहस्य छुपा रहा था, दरअसल एक ऐसी जगह थी जहाँ से कोई वापस नहीं जाता था। शीशे में कैद खूनी हाथों वाली आत्मा ने अजय को खींचकर मार डाला और फिर रवि पर हमला कर दिया।कहानी का निष्कर्ष यह है कि दोनों दोस्तों ने डर और दहशत के बीच दम तोड़ दिया, और वह कमरा हमेशा की तरह खाली होकर अपने अगले शिकार का इंतज़ार करने लगा। उनका भागने का हर प्रयास विफल रहा, और कमरा नंबर 66 ने उनकी यात्रा को उनके जीवन का अंतिम पड़ावबना दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

Annabelle Doll True Story

Annabelle Doll True Story Horror Story in Hindi New Scary Stories S18Annabelle Doll True Story Horror Story in Hindi New Scary Stories S18

Annabelle Doll True Story ये कहानी। दुनिया के सबसे पॉपुलर हॉरर लिजेंड्स में से एक अनेबेल डॉल की सच्ची कहानी पर बेस्ड है। अनेबेल की कहानी शुरू हुई 1970 में

Durgamati Haveli

Durgamati Haveli horrorstories New Scary Stories Series 6Durgamati Haveli horrorstories New Scary Stories Series 6

Durgamati Haveli   एक अष्टमी की रात मीता अपनी बीमार माँ के लिए दवाई लेकर घर आ रही थी। मीता के रास्ते में एक प्राचीन मंदिर पड़ता था तो वो

लाल साड़ी का अभिशाप: लोहड़ी की वह खौफनाक रात

लाल साड़ी का अभिशाप: लोहड़ी की वह खौफनाक रात New Scary Stories Series 46लाल साड़ी का अभिशाप: लोहड़ी की वह खौफनाक रात New Scary Stories Series 46

लाल साड़ी का अभिशाप: लोहड़ी की वह खौफनाक रात आर्यन, जो शहर की चकाचौंध से दूर अपनी दादी के घर गांव आया था, उसे शोर-शराबा बिल्कुल पसंद नहीं था। शांति