New Scary Stories Stories टनल का खौफ: अगली बारी तुम्हारी New Scary Stories Series 47

टनल का खौफ: अगली बारी तुम्हारी New Scary Stories Series 47

टनल का खौफ: अगली बारी तुम्हारी New Scary Stories Series 47 post thumbnail image

टनल का खौफ: अगली बारी तुम्हारी

रिया और अंजलि दोनों सहेलियाँ ऑफिस की पार्टी से रात के करीब 9 बजे फ्री होकर अपने घर की तरफ निकलती हैं। दोनों अपनी स्कूटी पर थीं। रास्ते में पीछे बैठी रिया घबराते हुए बोली, “यार अंजलि, आज ऑफिस की पार्टी के चक्कर में बहुत देर हो गई है। ऊपर से हम दोनों ने ऐसी हैवी ड्रेस और मेकअप कर रखा है, इतनी रात को इस सुनसान सड़क पर मुझे बहुत डर लग रहा है।”अंजलि ने उसे टोकते हुए कहा, “रिया, तू प्लीज चुप कर! चुपचाप बैठी रह, न खुद डर और न मुझे डरा।”अभी वो कुछ दूर ही चली थीं कि उनके रास्ते में वही पुरानी टनल (सुरंग) आ गई जो उनके घर से कुछ ही दूरी पर थी। जैसे ही वे टनल के अंदर पहुँचीं, अचानक उनकी स्कूटी बंद हो गई।

सन्नाटे में स्कूटी रुकते ही दोनों के पसीने छूटने लगे। रिया कांपती आवाज में बोली, “बहन अंजलि, अब इस स्कूटी को क्या हुआ? ये क्यों रुक गई?”अंजलि ने दो-तीन बार सेल्फ मारा, पर स्कूटी स्टार्ट नहीं हुई। जब उसकी नजर फ्यूल मीटर पर गई, तो उसके होश उड़ गए—पेट्रोल खत्म हो चुका था। अंजलि ने परेशान होकर कहा, “रिया, पेट्रोल खत्म हो गया है।”रिया रोने जैसी हो गई, “अब क्या करेंगे?” अंजलि ने उसे तसल्ली देते हुए कहा, “देख, टेंशन मत ले, टनल तो आ ही गई है, घर बस थोड़ी ही दूर है। पैदल चलते हैं।”दोनों सहेलियाँ स्कूटी को घसीटते हुए टनल में आगे बढ़ने लगीं। अचानक, टनल की सारी लाइटें एक साथ बंद हो गईं।

चारों तरफ इतना घना अंधेरा छा गया कि उन्हें अपनी स्कूटी तक दिखाई देना बंद हो गई। डर के मारे अंजलि चिल्लाई, “रिया! जल्दी अपने मोबाइल की फ्लैश लाइट जला!”रिया ने जैसे ही फ्लैश जलाई, टनल में आगे और पीछे बस गहरा अंधेरा ही था। दोनों हिम्मत जुटाकर आगे बढ़ने लगीं। तभी रिया को महसूस हुआ कि उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा है। उसे लगा शायद उसका वहम है, इसलिए वो चुपचाप चलती रही। अचानक स्कूटी की हेडलाइट एक पल के लिए जली और फिर बुझ गई।रिया ने सहमते हुए कहा, “अंजलि, मुझे लगा किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा है।” अंजलि ने गुस्से में कहा, “चुप कर! बहुत हो गई तेरी बकवास। देख, हम टनल से निकलने वाले हैं, आगे रोड पर लाइट ही लाइट है।

“तभी उन्हें टनल के किनारे एक आदमी खड़ा दिखाई दिया, जो सिगरेट पी रहा था। अंधेरा होने के कारण उसका चेहरा साफ नहीं दिख रहा था। रिया ने धीरे से कहा, “अंजलि, क्या हम उससे मदद मांगें?” अंजलि ने फुसफुसाते हुए कहा, “पागल है क्या? कोई नशा करने वाला होगा, चुपचाप अपनी नजरें नीची रख और यहाँ से निकल।”वे दोनों बिना उसकी तरफ देखे आगे निकल गईं। उन्हें लगा कि जान बची, लेकिन जैसे ही वे टनल के गेट के पास पहुँचीं, उनकी स्कूटी आगे बढ़ना बंद हो गई। फोन की बैटरी भी अब सिर्फ 5 प्रतिशत बची थी।जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, तो वहां न वो सिगरेट वाला आदमी था और न कोई और। रिया चीखी, “वो आदमी कहाँ गया?”जैसे ही उन्होंने वापस सामने की तरफ देखा, उनकी रूह कांप गई।

वही सिगरेट वाला आदमी अब उनकी स्कूटी के ठीक सामने खड़ा था। उसने कोट-पेंट पहना था, लेकिन सबसे भयानक बात यह थी कि उसका चेहरा ही नहीं था—सिर्फ एक डरावना ढांचा था और उसके जबड़े में जलती हुई सिगरेट थी।डर के मारे रिया के हाथ से फोन नीचे गिर गया और टनल फिर से अंधेरे में डूब गई। अचानक उस आदमी की आँखें चमकदार हरे रंग की हो गईं। अगले ही पल रिया की चीख सुनाई दी और फिर सब शांत हो गया। न रिया की आवाज आ रही थी, न वो हरी आँखें दिख रही थीं।अंजलि ने घबराकर अपना फोन निकाला और फ्लैश जलाई। वहां न रिया थी, न वो आदमी। अंजलि ने रिया को कॉल किया, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। वह पागलों की तरह रिया का नाम पुकारने लगी।

तभी उसे किसी चीज के घसीटने की आवाज सुनाई दी।उसने पीछे फ्लैश मारी तो देखा कि जमीन पर दूर तक खून की एक लंबी लकीर बनी हुई थी। अंजलि जान बचाकर टनल के बाहर की तरफ भागने लगी। जैसे ही वो टनल के गेट के पास पहुँची, उसने देखा कि साइड में रिया खड़ी है। रिया के दोनों हाथ आगे की तरफ थे।अंजलि खुश होकर उसके पास दौड़ी, लेकिन पास पहुँचते ही वह जम गई। रिया के दोनों हाथ खून से लथपथ थे, उसकी आँखें पूरी तरह सफेद हो चुकी थीं और चेहरे पर एक भयानक मुस्कान थी। रिया के ठीक पीछे वही बिना चेहरे वाला आदमी खड़ा था।

अंजलि के हाथ से फोन और स्कूटी दोनों गिर गए। टनल में फिर अंधेरा हो गया। अब अंधेरे में बस उस आदमी की हरी आँखें और रिया की सफेद आँखें चमक रही थीं। वे दोनों धीरे-धीरे अंजलि की तरफ बढ़ रहे थे।रिया की एक डरावनी और भारी आवाज गूँजी: “अंजलि… मैं तेरी वजह से इस हालत में हूँ… अब तुझे भी मेरे साथ चलना होगा… मेरे जैसा ही बनना होगा!”अंधेरे में अंजलि की एक आखिरी दर्दनाक चीख सुनाई दी। कुछ सेकंड बाद सब शांत हो गया। अचानक टनल की लाइटें जल उठीं। वहां न स्कूटी थी, न रिया और न ही अंजलि। टनल में बस हल्का सा धुआं तैर रहा था।और टनल की दीवार पर ताजे खून से लिखा था:“अगली लड़की का इंतजार रहेगा…”

Conclusion

अगली सुबह जब सूरज की पहली किरण टनल के मुहाने पर पड़ी, तो वहां सब कुछ सामान्य था। न वहां खून के निशान थे, न ही कोई स्कूटी। शहर की चहल-पहल फिर से शुरू हो गई और गाड़ियाँ उस टनल से बिना किसी डर के गुजरने लगीं।

लेकिन, टनल के ठीक बाहर लगे पुलिस के “Missing” बोर्ड पर दो नई तस्वीरें और जुड़ गई थीं—रिया और अंजलि। पुलिस और उनके घरवाले हैरान थे कि टनल के अंदर लगे CCTV कैमरों में उनकी स्कूटी जाती हुई तो दिखी, लेकिन बाहर निकलते हुए कभी नहीं दिखी। टनल के बीचों-बीच लगे कैमरे में बस 5 सेकंड का एक धुंधला सा ‘ग्लिच’ (तकनीकी खराबी) आया था, जिसमें सिर्फ एक जलती हुई सिगरेट का धुआं तैरता नजर आ रहा था।

शहर में अब एक नई अफवाह फैल चुकी है कि उस टनल में पेट्रोल कभी खत्म नहीं होता, बल्कि वह ‘कोई’ है जो गाड़ियों का ईंधन खींच लेता है ताकि शिकार भाग न सके। आज भी, अगर रात के 9 बजे के बाद कोई अकेला वहां से गुजरता है, तो उसे दो लड़कियों के हंसने की और किसी के पीछे-पीछे चलने की आवाजें सुनाई देती हैं।

सीख: कुछ रास्ते सिर्फ मंजिल तक नहीं ले जाते, कुछ रास्ते खुद में ही एक मंजिल (या अंत) होते हैं। उस टनल की दीवार पर लिखा वह अधूरा वाक्य आज भी किसी नए ‘शिकार’ के इंतजार में वहां अदृश्य रूप में मौजूद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

Safaed Saree Wali Aurat New Horror Story

Safaed Saree Wali Aurat New Horror Story New Scary Stories Series 29Safaed Saree Wali Aurat New Horror Story New Scary Stories Series 29

Safaed Saree Wali Aurat New Horror Story एक दिन हरिया नामक आदमी अपने गाँव से दूसरे गाँव में कबाड़ का सामान लेने के लिए गया। यह दिन उसके लिए बहुत

रात की आखिरी राइड

रात की आखिरी राइड Raat Ki Aakhree Ride Horror Story New Scary Stories Series 13रात की आखिरी राइड Raat Ki Aakhree Ride Horror Story New Scary Stories Series 13

रात की आखिरी राइड ये कहानी एक कैब ड्राइवर अजय के साथ हुई एक सच्ची घटना पर आधारित है।ये उन दिनों की बात है जब अजय ने नई-नई चलानी शुरू