Safaed Saree Wali Aurat New Horror Story

एक दिन हरिया नामक आदमी अपने गाँव से दूसरे गाँव में कबाड़ का सामान लेने के लिए गया। यह दिन उसके लिए बहुत अच्छा था, क्योंकि वह जो भी सामान लेने गया था, वह सब कुछ उसे मिल गया और इस कारण वह बहुत खुश था। फिर हरिया ने सोचा, “क्यों न मैं एक-दो गाँव और घूम कर आऊँ, कुछ पता नहीं, वहाँ भी कबाड़ का सामान मिल जाए।” दूसरे गाँवों में भी उसे कबाड़ का खूब सामान मिल गया, और इस तरह उसका दिन कैसे बीत गया, उसे पता ही नहीं चला।

उसे घर जाने में देर हो रही थी, क्योंकि शाम हो चुकी थी और रात होने ही वाली थी। उसने सोचा, “क्यों न मैं आज इसी गाँव में रुक जाऊँ।” लेकिन उसने अपने परिवार वालों के बारे में सोचा, “यदि मैं यहाँ रुक जाऊँगा, तो मेरे परिवार वाले मेरी चिंता करेंगे।” यह सब सोचकर वह जल्दी से अपने घर की ओर निकल पड़ा, क्योंकि वह अपने गाँव से काफी दूर था।बीच रास्ते में जब वह जंगल से जा रहा था, तो रात के करीब 10:00 बज रहे थे। उसे जंगल में बस लालटेन की रोशनी नजर आ रही थी,

जिसे देखकर उसे थोड़ा सुकून मिला। लेकिन थोड़ी देर में ही वह रोशनी दिखना बंद हो गई। फिर भी हरिया धीरे-धीरे आगे की ओर बढ़ा। उसके पास कबाड़ का बहुत सामान होने के कारण वह बहुत थक रहा था। इसलिए वह बीच रास्ते में ठहर कर थोड़ा आराम करता और जब थोड़ी थकान उतरती, फिर चलता था।जब वह धीरे-धीरे चल रहा था, तभी उसे जंगल में से कुछ अजीब-सी आवाजें सुनाई देने लगीं। उसे यह महसूस होने लगा था कि उसके अलावा भी इस जंगल में कोई है जो इस तरह की आवाज निकाल रहा है, और उसे गंदी बदबू भी आ रही थी। पर उसने सोचा,

“शायद अजीब-सी आवाज इस कबाड़ के सामान में से आ रही है और यह गंदी बदबू इस जमे हुए पानी से आ रही है।” यह सोचकर उसने लगा, “शायद यह मेरा भ्रम है।”हरिया थोड़ा आगे बढ़ा तो उसे महसूस हुआ कि पेड़ों पर कोई है, या कोई पक्षी है जो एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर कूद रहा है, जिसकी वजह से पेड़ों में से आवाज आ रही है। जब वहाँ पर चंद्रमा की रोशनी आई, तो हरिया ने देखा कि वहाँ पर एक बुढ़िया औरत है, जिसके लंबे-लंबे बाल हैं, जो एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर कूद रही थी। यह देखकर हरिया बहुत डर गया। उसने सोचा, “एक बुढ़िया का एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर कूदना कोई आम बात नहीं है।

यह जरूर कोई चुड़ैल है।” डर की वजह से हरिया के पसीने छूट गए। उसने सोचा, “मुझे जल्द से जल्द अपना घर पहुँचने के लिए साइकिल तेजी से चलानी पड़ेगी।”हरिया बस अब यही सोच रहा था कि उसे इस चुड़ैल से कब छुटकारा मिलेगा। फिर उसने देखा कि वह चुड़ैल उसे अब नजर नहीं आ रही है और न ही कोई पेड़ के हिलने की आवाज आ रही है। यह सब देखकर उसने सोचा, “शायद यह उसका भ्रम था।” यह सोचकर उसने राहत की साँस ली।

हरिया को बहुत थकान महसूस हो रही थी। उससे साइकिल भी नहीं चल पा रही थी। उसे यह भी लग रहा था कि शायद उसकी साइकिल के पीछे कोई बैठा है, जिस वजह से वह साइकिल नहीं चला पा रहा था। उसे अपनी साइकिल बहुत भारी लग रही थी। पर उसने यह सोचा कि वह बहुत थक रहा है, शायद इस वजह से उसे ऐसा महसूस हो रहा है। हरिया ने सोचा, “कुछ देर के लिए आराम कर लेता हूँ।” तभी उसे अब अजीब-सी आवाज सुनाई दी और उसे लगा, उसके अलावा और कोई उसके साथ है। यह सब सोचकर उसके पसीने छूटने लगे और उसे डर लग रहा था।

जब उसने पीछे मुड़कर देखा, तो वहाँ पर कोई भी नजर नहीं आया। तब उसे लगा, “शायद यह उसका भ्रम है।” उसने सोचा, “मुझे अभी यहाँ शौच (टॉयलेट) करके अब जल्द से जल्द घर पहुँचना चाहिए।” वह शौच करने के लिए झाड़ियों में गया और जब वापस लौटकर अपनी साइकिल के पास आया, तो उसने एक सफेद बालों वाली बुढ़िया को देखा। हरिया को याद आया कि यह तो वही चुड़ैल है जिसे उसने कुछ देर पहले एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर कूदते हुए देखा था। यह देखकर हरिया के पसीने छूट गए और उसकी जान गले में अटक गई।

उस चुड़ैल का रूप काफी भयानक था। वह बहुत ही काली थी और उसकी एक लंबी-सी नाक थी, जिससे वह बहुत बदसूरत दिखाई दे रही थी। उस चुड़ैल ने काले रंग की शॉल ओढ़ी हुई थी। वह हरिया की तरफ देखकर हँस रही थी। फिर उसने अपनी लंबी जीभ निकाली और हरिया को अपनी ओर बुला रही थी। यह सब देखकर हरिया समझ गया कि यह मांस नोचने वाली चुड़ैल है। उसने सोचा, “आज तो यह चुड़ैल मुझे नोचकर खा जाएगी।” चुड़ैल के हाथ में एक घंटा था, जिसे वह हवा में हिलाते हुए हरिया के पास आ रही थी।
हरिया ने सोचा, “अब इस चुड़ैल से बचने के लिए मुझे तेजी से अपने घर की ओर जाना होगा।” जब हरिया तेजी से अपने घर की ओर जाने लगा, वह चुड़ैल भी उसके पीछे तेजी से भागने लगी। जब चुड़ैल हरिया के पीछे भाग रही थी, तो उसका बहुत भयानक रूप हो गया था। हरिया भी हनुमान जीका नाम लेकर जोर-जोर से भाग रहा था। तब उस चुड़ैल ने जोर से चीख मारी और वह हवा में गायब हो गई।इस तरह से हरिया की जान बच गई और वह अपने गाँव पहुँच गया।
निष्कर्ष Conclusion
कबाड़ के काम से खुशी-खुशी लौट रहे हरिया को जंगल में देर रात एक भयानक चुड़ैल मिली। थकान और डर के बावजूद, हरिया ने हिम्मत नहीं हारी। जब चुड़ैल ने उसे डराया और पकड़ने की कोशिश की, तो हरिया ने हनुमान जी का नाम लिया और पूरी शक्ति से साइकिल चलाई। अंत में, चुड़ैल हवा में गायब हो गई और हरिया अपनी जान बचाकर सुरक्षित घर पहुँच गया। यह दिखाता है कि मुश्किल समय में भी हिम्मत और भगवान पर विश्वास रखने से खतरा टल जाता है।
