New Scary Stories Stories Durgamati Haveli horrorstories New Scary Stories Series 6

Durgamati Haveli horrorstories New Scary Stories Series 6

Durgamati Haveli horrorstories New Scary Stories Series 6 post thumbnail image

Durgamati Haveli

 


एक अष्टमी की रात मीता अपनी बीमार माँ के लिए दवाई लेकर घर आ रही थी। मीता के रास्ते में एक प्राचीन मंदिर पड़ता था तो वो उस मंदिर में कुछ मिनट आराम करने के लिए रुक गई। तभी उसे लगा कि जैसे। मंदिर के अंदर से कुछ आवाजें आ रही हैं। तीन लंबे चौड़े आदमी भागते हुए मंदिर से बाहर आए। उनके हाथ में मंदिर की दान पेटी थी और उनके मुँह कपड़े से ढके हुए थे।

 मीता को समझ आ गया कि जरूर ये लोग मंदिर से पैसे चुराकर भाग रहे हैं, लेकिन उनमें से एक आदमी ने मीता को देख लिया और वो ज़ोर से बोला, अरे अरे सुनो तुम दोनों इस लड़की को पकड़ो, मैं दान पेटी संभालना हूँ। वो अपनी जान बचाकर भागनेl लगी   और उनमें से दो चोर उसका पीछा करने लगे। भागते भागते मीता गांव के पास वाले जंगल में पहुँच गई, जहाँ उसे एक बड़ा सा महल दिखा। वो महल रानी दुर्गामती का महल था जिसके बारे में मीता बचपन से कई रहस्यमयी किस्से सुनती आ रही थी। मीता के पास कोई चॉइस नहीं थी और वो छुपने के लिए दुर्गामती महल में चली गई। उसके अंदर घुसते ही बहुत तेज हवा चलने लगी।

 

महल के कोने में एक बड़ी सी पैंटिंग लगी हुई थी। उस पैंटिंग में लाल साड़ी पहनी हुई एक औरत के गले में फंदा था और वो औरत उसी फंदे से लटकी हुई थी। लेकिन ऐसी भयानक पैंटिंग देख कर मीता को घबराहट होने लगी। तभी अचानक दीवार पर लगी वो पेंटिंग धम से नीचे गिर गयी। मीता को अचानक बहुत ही तेज़ ठंड लगने लगी तो वो इधर उधर खुद को ढकने के लिए कुछ ढूँढने लगी। ढूँढ़ते ढूँढ़ते मीता को ऊपर हलवे में। एक कमरा दिखा जिसका दरवाजा बंद पड़ा था और फिर ज़ोर से हवा चली और वो दरवाजा खुल गया। उस कमरे में एक लाल रंग की साड़ी पड़ी थी। उस लाल साड़ी के बगल में एक पुरानी सी किताब भी पड़ी थी।

वो हवा से अपने आप खुल गई। मीता ने देखा कि उसमें रानी दुर्गामती के बारे में कुछ लिखा था। वो किताब पढ़ ही रही थी कि उधर वो दोनों चोर मीता को ढूंढ़ते ढूंढ़ते दुर्गामती महल के अंदर आ गए।  उन दोनों ने मीता को ढूंढने के लिए अलग अलग डायरेक्शन में जाने का फैसला किया। एक चोर ऊपर चला गया और दूसरा नीचे ही मीता को ढूंढने लगा। सीढ़ियों से ऊपर चढ़ते हुए उस चोर को दीवार पे एक switchboard दिखा। उसने switch on किया तो ऊपर वाले hallway की सारी लाइट्स जल गई। लाइट्स जलते ही उस चोर को जमीन पर खून के पैरों के निशान दिखे। उसे लगा कि शायद नीता को भागते हुए चोट लग गई होगी और वो।

उन निशानों को फॉलो करने लगा। कॉरिडोर के कोने में लाल साड़ी पहने एक लड़की बैठी थी। उसकी पीठ उस चोर की तरफ थी, इसलिए वो चोर उसका चेहरा नहीं देख पा रहा था। लेकिन उस चोर को लगा कि वो लड़की मीता है। जैसे ही वो लड़की मुड़ी उस चोर के पैरों तले जमीन खिसक गई। उस लड़की ने घूँघट डाला हुआ था और उसका पूरा चेहरा काले बालों से। ढका हुआ था। उस चोर को देखकर ज़ोर से चिललाई और तभी वहाँ जलते हुए लाइट बल्ब्स एक के बाद एक फूटने लगे। लाइट्स के ऑफ होते ही अंधेरा हो गया क्नॉइस।

 

और वो लड़की भी वहाँ से गायब हो गई। वहीं दूसरी तरफ दूसरा चोर मीता को नीचे ढूंढ रहा था। नीचे वाले कॉरिडोर में एक बड़ा सा शीशा लगा था, जिसे देखते ही दूसरे चोर को। बहुत अजीब सा महसूस होने लगा तभी उसे शीशे में किसी की परछाई नजर आने लगी। पर जैसे ही वो मुड़ा वह कोई नहीं था। उसके बाद उसे कमरे में एक लड़की के रोने की आवाज आने लगी।      वो भागकर कमरे के बाहर पहुंचा और नीचे से अंदर झांकने लगा। अंदर एक लड़की चल रही थी, जिसके पैरों से खून निकल रहा था। उस चोर ने अपनी pant की जेब से चाकू निकाला।

 

और ज़ोर से दरवाजा खोला लेकिन वो देखकर दंग रह गया कि अंदर कोई नहीं था तभी उसे पीछे से किसी ने बहुत ज़ोर से धक्का मारा और उसे कमरे के अंदर गिरा दिया। उस कमरे में एक दम अंधेरा था। वो चोर उठा और उसने अपना लाइटर जलाया और आसपास देखने लगा। दो सेकंड बाद जब वो मुड़ा तो वही लाल साड़ी वाली लड़की उसके सामने खड़ी थी जिसने fook मार कर। उस लाइटर को बुझा दिया। वो चोर इतना डर गया था कि वो ज़ोर ज़ोर से अपने साथी को पुकारने लगा। उसका साथी भी भागते हुए आया और डरते डरते उसके साथ महल के बाहर भागने लगा। वो दोनों क्नॉइस।

हवेली के बाहर निकलने ही वाले थे की उनको पीछे से एक बहुत ही डरावनी सी हँसी सुनाई दी। ऐसी डरावनी हँसी जो पूरे महल में गूंज रही थी वो चोर बिना कुछ सोचे समझे? उस महल से कोसों दूर भाग गई। कुछ देर बाद मीता भी वहाँ से निकलकर अपने घर चली गई। अगली सुबह मीता ने पूरा किस्सा अपनी दोस्त को बताया। उसने कहा कि उसे पूरे टाइम उस हवेली में कई आवाजे आ रही थी। लेकिन जब तक वो दोनों चोर वहाँ से चले नहीं गए, वो हवेली के एक कमरे में ही छुप के बैठी हुई थी। मीता ने अपनी दोस्त से जो कहा, अगर वो सब सच था और अगर मीता सच मैं पूरे वक्त वही छुप के बैठी हुई थी तो वो लाल साड़ी वाली औरत आखिरकार कौन थी?

 

  Conclusion 

यह कहानी हमें यह अहसास कराती है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, वह दैवीय या अलौकिक शक्तियों के सामने नहीं टिक सकती।जहाँ उन तीन चोरों ने पवित्र मंदिर से दान पेटी चुराकर पाप किया था, वहीं नियति उन्हें उसी रात रानी दुर्गामती के रहस्यमयी महल में ले गई।मीता का सुरक्षित बच निकलना और उस ‘लाल साड़ी वाली औरत’ का अचानक प्रकट होकर चोरों को डराना यह संकेत देता है कि वह शायद रानी दुर्गामती की आत्मा थी, जो सालों बाद भी अपने महल की रक्षा कर रही थी या फिर अष्टमी की रात होने के कारण कोई दैवीय शक्ति मीता की मदद कर रही थी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

Amavas Ki Raat | अमावस की रात

Amavas Ki Raat | अमावस की रात ।New Scary Stories Series 7Amavas Ki Raat | अमावस की रात ।New Scary Stories Series 7

Amavas Ki Raat | अमावस की रात लगभग आंधी रात हो चुकी थी और बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी। अपना काम खत्म करके मैं ऑफिस से निकलने

The Last Turn Of The Journey 

The last turn of the journey (सफ़र का आख़िरी मोड़) New Scary Stories Series 22The last turn of the journey (सफ़र का आख़िरी मोड़) New Scary Stories Series 22

The Last Turn Of The Journey  घड़ी मैं  रात के दो बज़ रहे थे। आसमान में बादल छाए हुए थे और सड़क सुनसान थी। हाईवे पर दूर-दूर तक कोई गाड़ी

जन्माष्टमी की अनसुनी कहानी

जन्माष्टमी की अनसुनी कहानी New Scary Stories Series 21जन्माष्टमी की अनसुनी कहानी New Scary Stories Series 21

जन्माष्टमी की अनसुनी कहानी टूटा-फूटा, पहाड़ी पर बना 300 साल पुराना कृष्ण मंदिर, जहां अब कोई नहीं आता। केवल एक बुज़ुर्ग पुजारी, पंडित रघु, हर जन्माष्टमी की रात यहां आता